हे राम तेरे राज में कैसा हाहाकार है,
कैसे मै बोलूं तेरा ही संस्कार है,
पीस रहा गरीब,मांयें करती चीत्कार हैं,
हे राम तेरे राज में...........
शिक्षा के लिए तरसता युवक
अज्ञानी बनाता सरकार है
विद्रोहियों को मिलाता संरक्षण
संतो को फटकार है
हे राम तेरे राज में.........
नेता कहलाते गुरूजी
गुरु तो गुरुघंताल है
आतंकियों को मिलता संरक्षण
बलात्कारियों को पुरस्कार है
हे राम तेरे राज में...........
Tuesday, January 20, 2009
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